प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी का मामला
नई दिल्ली में एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक व्यक्ति वर्षों तक खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता रहा। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक शादी के निमंत्रण पत्र सीधे पीएमओ पहुंचा। इस पत्र में उस व्यक्ति को पीएमओ में अंडर सेक्रेटरी के पद पर दर्शाया गया था। जांच के दौरान कई हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
फर्जी पहचान का खुलासा और जांच का प्रारंभ
सीबीआई के अनुसार, आरोपी की पहचान पी. एलंगोवन के रूप में हुई है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय की शिकायत के आधार पर शुरू हुई, जिसमें बताया गया कि एक शादी के निमंत्रण पत्र में एलंगोवन को पीएमओ में अंडर सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत दिखाया गया था। जब पीएमओ ने अपने रिकॉर्ड की जांच की, तो पता चला कि थिरु पी. एलंगोवन नाम का कोई भी व्यक्ति कभी भी कार्यालय में नहीं रहा है। इस संदेह के बाद पीएमओ को शक हुआ कि कोई व्यक्ति अपने आप को अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा है। इसीलिए पीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई।
धोखाधड़ी का तरीका और आरोपी की गतिविधियां
जांच में पता चला कि आरोपी ने अपने आप को पीएमओ का अधिकारी बताकर तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई स्थित प्रसिद्ध अन्नामलाई मंदिर में अपने रिश्तेदारों के लिए वीआईपी दर्शन की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था। उसने अपनी पहचान पीएमओ अधिकारी के रूप में दी, जिस पर भरोसा कर विभाग के कर्मचारी ने उसकी मांग पूरी कर दी। इसके बाद भी आरोपी लगातार इस तरह के अनुरोध करता रहा और अधिकारियों को अपने प्रभाव में लेकर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता रहा।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने रिश्तेदारों की शादी के निमंत्रण पत्र में अपने नाम को शामिल करवाया। उसने कहा कि ऐसा करने से उसे अपने कार्यालय से छुट्टी लेने में आसानी होगी। 2025 में उसकी शादी के निमंत्रण पत्र में उसका नाम भी शामिल किया गया, जो बाद में पीएमओ को भेजा गया। जब यह कार्ड कार्यालय पहुंचा, तो अधिकारियों ने उसमें दी गई जानकारी की जांच की, और इस तरह पूरे मामले का खुलासा हुआ।
अब सीबीआई आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है। यह मामला एक शादी के निमंत्रण पत्र से शुरू होकर एक फर्जी पहचान और सरकारी पद का दुरुपयोग करने के गंभीर मामले में तब्दील हो चुका है। एजेंसी पूरे घटनाक्रम को जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है।










