साकेत हादसे के बाद प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
दिल्ली के सैदुलाजाब क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत के गिरने से छह लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं। इस हादसे के मुख्य आरोपी बिल्डिंग मालिक करमवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही दिल्ली नगर निगम (MCD) ने महरौली, साकेत और आसपास के इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम और नोटिस जारी
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि उन सभी अनधिकृत इमारतों को नोटिस भेजा जाएगा जिनमें G+3 से अधिक मंजिलें बनाई गई हैं। यह अभियान विशेष रूप से महरौली, साकेत और आसपास के इलाकों में चलाया जाएगा। दिल्ली के इन इलाकों में लगातार अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें सैदुलाजाब, पर्यावरण कॉम्प्लेक्स और फ्रीडम फाइटर्स एन्क्लेव प्रमुख हैं।
जांच के दौरान यदि किसी भी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। गिर चुकी इमारत के आसपास छह अन्य संरचनाओं के मालिकों को मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इन नोटिसों के जवाब में 72 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भवनों को खाली करने और सील करने के आदेश भी शामिल हैं।
गिरने वाली इमारत का इतिहास और आगे की कार्रवाई
मौजूदा जांच में पता चला है कि यह इमारत वर्ष 2013 में बनाई गई थी, जिसका मालिकाना हक मनीष खत्री के नाम दर्ज है। नगर निगम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि क्या इस इमारत से संबंधित कोई शिकायत या अनधिकृत निर्माण का मामला पहले से लंबित था।
मेडिकल और कानूनी नियमों का उल्लंघन करने वाली इन संरचनाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, नगर निगम उन्हें सील कर सकता है या खाली कराने का आदेश भी जारी कर सकता है। इस हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सभी अवैध निर्माणों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।










