मध्य प्रदेश का पान विश्व बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है
मध्य प्रदेश का पान अपनी अनूठी खुशबू, कोमलता और लाजवाब स्वाद के कारण देश और विदेश में तेजी से प्रसिद्ध हो रहा है। विशेष रूप से छतरपुर जिले का ‘बंगला पान’ अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इस पान की बनावट बहुत ही पतली होती है, इसमें हल्की मिठास होती है और यह लंबे समय तक ताजा रह सकता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और इसे पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में बड़े पैमाने पर निर्यात किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार का पान खेती को बढ़ावा देने का विशेष प्रयास
पान की खेती को अधिक लाभदायक बनाने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक विशेष योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के दस प्रमुख जिलों को शामिल किया गया है, जिनके लिए 1 करोड़ 3 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत किस्मों की रोपाई सामग्री, विशेष प्रशिक्षण और ‘बरोज’ निर्माण के लिए आर्थिक एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।
पान की खेती और इसकी खास पहचान
मध्य प्रदेश के प्रमुख पान उत्पादक जिलों में छतरपुर, रीवा, मंदसौर, नरसिंहपुर और टीकमगढ़ शामिल हैं, जहां से वर्षों से पान की खेती की जा रही है। यह खेती किसानों की आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। रीवा जिले के महसांव क्षेत्र के दो गांवों में भी पान की खेती की जाती है, जिसकी अपनी एक अनूठी पहचान है। यहाँ का पान उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस), प्रयागराज और लखनऊ जैसे शहरों में भेजा जाता है। इन शहरों में मध्य प्रदेश का यह पान बहुत पसंद किया जाता है और इसकी भारी मांग रहती है।











