भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत का रहस्य और नए खुलासे
पिछले कुछ दिनों से चर्चा में बनी हुई भोपाल की ट्विशा शर्मा की रहस्यमय मौत का मामला लगातार नए मोड़ और खुलासों के साथ सामने आ रहा है। घटना से पहले और बाद की सीसीटीवी फुटेज, ट्विशा के पति समर्थ का फरार होना और फिर आत्मसमर्पण करने जैसी घटनाओं ने इस केस को और भी जटिल बना दिया है। साथ ही उसकी सास के कई चौंकाने वाले बयान इस मामले को और अधिक सुर्खियों में ला रहे हैं। अब इस मामले की जांच सीबीआई (Central Bureau of Investigation) को सौंप दी गई है, जिससे निष्पक्षता की उम्मीद और मजबूत हो गई है। इस बीच, ट्विशा के परिवार की ओर से दर्ज एफआईआर में कई नए तथ्य भी सामने आए हैं, जो इस केस को और भी पेचीदा बना रहे हैं।
दहेज और पारिवारिक विवाद ने बढ़ाई जटिलता
एफआईआर में आरोप है कि शादी के समय मृतका के परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति से अधिक दहेज दिया था। हालांकि, विदाई के समय उसकी सास गिरिबाला सिंह ने 2 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे परिवार ने पूरा किया। इसके बावजूद, शादी के कुछ ही समय बाद से ही सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह दहेज को लेकर ताने देने लगे थे। उनका कहना था कि शादी में खर्च किए गए पैसे उनके ‘मानक’ के अनुरूप नहीं हैं।
शादी के बाद ट्विशा को खर्च के लिए पैसे नहीं दिए जाते थे, बल्कि उसकी मां से ऑनलाइन माध्यम से पैसे मंगवाए जाते थे। अप्रैल 2026 में, जब ट्विशा लगभग एक माह की गर्भवती थी, तो पति और सास ने बच्चे को ‘दूसरे का’ बताते हुए गर्भपात का दबाव बनाया। मई 2026 के पहले सप्ताह में, उसके चरित्र पर गलत आरोप लगाकर उसे मानसिक रूप से दबाव में लाया गया, जिसके कारण उसने गर्भपात कराया।
मृत्यु से पहले की बातचीत और पारिवारिक तनाव
एफआईआर के अनुसार, 12 मई 2026 को ट्विशा ने अपनी मां को कई बार फोन किया। उस रात करीब 9:41 बजे उसने व्हाट्सऐप कॉल किया, जिसमें पति समर्थ सिंह की तेज आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गई। इसके बाद उसकी मां ने पति और सास को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। रात 10:35 बजे सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाया, लेकिन मृतका से बात कराने से इनकार कर कॉल काट दी।
जांच में व्हाट्सऐप चैट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, शव पंचनामा, गवाहों के बयान, शादी की तस्वीरें, शादी का कार्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। इन सबके आधार पर पता चला कि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह ने दहेज और मानसिक शारीरिक प्रताड़ना का सहारा लेकर ट्विशा को परेशान किया। अंत में, प्रताड़ना से तंग आकर उसने अपने निवास स्थान पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह मामला प्रथम दृष्टया दहेज मृत्यु और मानसिक शारीरिक प्रताड़ना से जुड़ा हुआ पाया गया है।











