बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बिहार में संगठित और आदतन अपराधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी सुधांशु कुमार ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (BNSS) की धारा 107 के अंतर्गत कुल 1433 अपराधियों की पहचान की गई है, जिन्होंने कथित रूप से अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है।
उन्होंने बताया कि इन अपराधियों के खिलाफ संपत्ति जब्ती के लिए अदालत में प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 428 मामलों में अनुमति मिल चुकी है, जबकि 103 मामलों में कार्रवाई प्रक्रिया में है। अभी तक चार अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। साथ ही, जनवरी से 15 मई तक पूरे राज्य में व्यापक निवारक कार्रवाई की रिपोर्ट भी साझा की गई है। इस दौरान BNSS की धारा 126 और 135 के तहत 4,13,118 व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई, जिनमें से 1,34,358 से भविष्य में अपराध न करने का बांड भरवाया गया है।
आपराधिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई
इसके अतिरिक्त, आदतन अपराधियों के खिलाफ अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत भी सख्त कदम उठाए गए हैं। इन मामलों में 676 अपराधियों के खिलाफ प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनमें से 252 पर आदेश जारी हो चुके हैं। इस वर्ष पुलिस ने कुल 33,126 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हत्या, डकैती, लूट और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े गंभीर मामले शामिल हैं। इसी अवधि में अदालतों ने 52,567 मामलों में 70,624 दोषियों को सजा सुनाई है।
सामाजिक सौहार्द्र और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सांप्रदायिक हिंसा, पुलिस पर हमले, भीड़ हिंसा और हर्ष फायरिंग जैसे मामलों में भी कार्रवाई की है। यातायात और निगरानी अभियान के तहत 4,05,704 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 48,216 से 7.04 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया और 750 वाहनों को जब्त किया गया। आगामी त्योहारों जैसे गंगा दशहरा और बकरीद को ध्यान में रखते हुए, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, और सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा के लिए विशेष कदम और आगामी योजनाएं
बिहार पुलिस मुख्यालय ने यह भी बताया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त किया जाएगा। सभी जिलों में विशेष निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। इन कदमों का उद्देश्य राज्य में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों का जीवन सुरक्षित और सहज बना रहे।









