धार जिले में भोजशाला का ऐतिहासिक फैसला और धार्मिक शांति
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित प्रसिद्ध भोजशाला परिसर में आज एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। हाई कोर्ट के उस निर्णय के बाद, जिसमें विवादित स्थल को देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित मंदिर घोषित किया गया है, यह पहला शुक्रवार है। इस फैसले ने दशकों से चली आ रही उस परंपरा को समाप्त कर दिया है, जिसमें मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज अदा करने की अनुमति दी जाती थी।
हिंदू समुदाय का उत्सव और धार्मिक आयोजन
भोजशाला में इस शुक्रवार को हिंदू समुदाय के लिए विशेष दिन माना जा रहा है। भोज उत्सव समिति ने इस दिन को ‘स्वाभिमान का शुक्रवार’ करार देते हुए ‘अखंड पूजा’ और ‘महा आरती’ का आह्वान किया है। श्रद्धालु दोपहर में धान मंडी चौराहे पर एकत्रित होंगे और वहां से विशाल जुलूस के रूप में भोजशाला परिसर पहुंचेंगे। इस दौरान सामूहिक पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
सामाजिक और सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा प्रबंध
721 वर्षों के बाद यह पहली बार है जब हिंदू समाज अपने धार्मिक परंपराओं के साथ इस स्थल पर पूजा करेगा। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। करीब 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, और पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों और CCTV से की जा रही है। साथ ही वाहनों की सघन जांच, मोबाइल गश्त और कई सुरक्षा परतें स्थापित की गई हैं। कलेक्टर और एसपी ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों से सहयोग की अपील की है।











