प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें सभी केंद्रीय मंत्रियों को दिल्ली में ही रहने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों, वेस्ट एशिया (West Asia) संकट और संभावित राजनीतिक बदलावों पर चर्चा करना है। यह बैठक देश की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं के संदर्भ में अहम मानी जा रही है।
मध्य पूर्व में तनाव और उसकी प्रभावशाली भूमिका
इस बैठक में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा तनाव है। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार इस बात पर नजर बनाए हुए है कि इस तनाव का कच्चे तेल की कीमतों, आपूर्ति श्रृंखला और महंगाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री के विदेश दौरे के बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समूह का गठन किया गया था, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। यह समूह लगातार 24 घंटे स्थिति पर नजर रख रहा है। राजनाथ सिंह ने हाल ही में आश्वासन दिया था कि देश के पास पर्याप्त कच्चे तेल और एलपीजी का भंडार है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।
राजनीतिक बदलाव और मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल
दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या मोदी सरकार 3.0 के एक साल पूरे होने से पहले ही मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव या विस्तार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना है। इस संदर्भ में, गुरुवार को होने वाली बैठक को इसी राजनीतिक फेरबदल की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इस बैठक का उद्देश्य सरकार की रणनीति को मजबूत बनाना और आगामी राजनीतिक कदमों की दिशा तय करना है।










