मुजफ्फरपुर में पुलिस पाठशाला का सामाजिक प्रभाव बढ़ रहा है
बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े बच्चों का आर्थिक और सामाजिक विकास तेजी से हो रहा है। अब इन बच्चों की बचत का पैसा बैंक एफडी (Fixed Deposit) में परिवर्तित हो चुका है, जो उनके उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन बच्चों ने अपने गुल्लक में जमा किए गए पैसे को सामाजिक सहयोग के साथ मिलाकर SBI (State Bank of India) में फिक्स्ड डिपॉजिट में बदलवाया है। यह पहल उन बच्चों के लिए प्रेरणादायक है जो कभी पुलिस से डरते थे, लेकिन अब वे ‘जय हिंद’ का नारा लगाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
बच्चों को पासबुक सौंपने का विशेष आयोजन और सामाजिक जागरूकता
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मुख्य जनरल मैनेजर अनुराग जोशी स्वयं इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, और अधिकारियों ने इस पहल की प्रशंसा की। पुलिस पाठशाला का यह अनूठा प्रयोग दर्शाता है कि बच्चे अब पुलिसकर्मियों के प्रति अधिक सम्मान और आत्मविश्वास से भर गए हैं। पहले ये बच्चे पुलिस को देखकर डर जाते थे, लेकिन अब वे ‘जय हिंद’ कहकर उनका स्वागत करते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने कम उम्र में शादी के खिलाफ नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया, जिससे बाल विवाह के दुष्परिणामों को उजागर किया गया। यह सामाजिक जागरूकता का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो बच्चों में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
बच्चों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ता कदम
पुलिस पाठशाला से जुड़ी नशीमा ने बताया कि शुरुआत में यहां केवल 15 बच्चे ही आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर डेढ़ सौ से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक असुरक्षा थी, इसलिए गुल्लक बैंक की शुरुआत की गई। बचत की आदत बच्चों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। अब यह पहल बैंक एफडी तक पहुंच चुकी है, जो बच्चों के भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। अधिकारियों ने भी इस प्रयास की सराहना की और कहा कि इस तरह के सामाजिक प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। अनुराग जोशी ने कहा कि बच्चों को फिक्स्ड डिपॉजिट की पासबुक सौंपते हुए उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के हर वंचित क्षेत्र में ऐसी पहल होनी चाहिए, और एसबीआई (SBI) भविष्य में भी इस तरह के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।









