बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार का बड़ा राजनीतिक आयोजन
बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार समारोह आयोजित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में लगभग 27 से 28 मंत्री पदों पर नए सदस्य शपथ ले सकते हैं। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक विस्तार का प्रतीक है, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का भी संकेत है। खास बात यह है कि इस बार के शपथ ग्रहण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।
शपथ ग्रहण का समय और राजनीतिक रणनीति
बताया जा रहा है कि यह समारोह दोपहर 12:10 बजे शुरू हो सकता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग 11:30 बजे पटना पहुंचेंगे। गृह मंत्री अमित शाह भी एक दिन पहले ही पटना आकर मंत्रियों की अंतिम सूची पर विचार कर सकते हैं। पिछली बार 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ के दौरान यह कार्यक्रम अपेक्षाकृत सादा और सीमित था, क्योंकि उस समय नेता विधानसभा चुनावों में व्यस्त थे। इस बार की तैयारियां भव्य हैं, जो सरकार की जनता के सामने अपनी ताकत दिखाने का संकेत देती हैं। गठबंधन के बीच मंत्रिमंडल विस्तार में संतुलन बनाने का प्रयास भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
मंत्रियों के कोटे और संभावित नाम
सूत्रों के अनुसार, भाजपा को लगभग 12 मंत्री पद मिल सकते हैं, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) को भी लगभग उतने ही पद दिए जाने की संभावना है। इसके अतिरिक्त लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनता दल को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। इस फार्मूले के तहत सभी घटक दलों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जा रहा है। चर्चा में हैं कि भाजपा की ओर से विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, राम कृपाल यादव और संजय सिंह जैसे नाम शामिल हैं। वहीं जदयू के संभावित मंत्रियों में श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खां, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत और निशांत कुमार के नाम प्रमुख हैं। सहयोगी दलों में चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर और जीतन राम मांझी के समर्थक भी शामिल हैं।










