अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को भारत लाया गया
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये (Turkey) से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन को “ग्लोबल-हंट” नामक विशेष अभियान के तहत संचालित किया गया। सोमवार सुबह जब वह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा, तो एनसीबी ने तुरंत ही उसकी गिरफ्तारी कर उसकी कस्टडी में ले लिया।
मोहम्मद सलीम डोला का लंबा आपराधिक इतिहास और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
59 वर्षीय मोहम्मद सलीम डोला, जो मुंबई का निवासी है, लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की नजरों से बाहर था। उसके खिलाफ भारत में कई ड्रग तस्करी के मामले दर्ज हैं और वह फरार चल रहा था। मार्च 2024 में भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल (Interpol) ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, डोला ने पिछले दो दशकों में मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैले एक व्यापक ड्रग तस्करी नेटवर्क का निर्माण किया था। वह भारत में बड़े स्तर पर ड्रग सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा था और थोक में ड्रग्स की आपूर्ति का कार्य भी करता था।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कानूनी कार्रवाई का परिणाम
इस सफलता में भारतीय खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ तुर्किये (Turkey) की एजेंसियों और इंटरपोल का भी अहम योगदान रहा। जानकारी के अनुसार, एनसीबी ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय और भारतीय खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय किया। मोहम्मद सलीम डोला पर महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन, मंद्रैक्स और मेथामफेटामाइन जैसे मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। इन मामलों में बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी भी हुई है, जिसमें उसकी भूमिका स्पष्ट थी। लंबे समय से उसकी तलाश कर रही भारतीय एजेंसियों ने उसे विदेश में छिपा पाया था। इससे पहले, 2025 में उसके बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को यूएई (UAE) से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार किया गया था। गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार की सख्त नारकोटिक्स नीति का हिस्सा बताया है, जिसमें ड्रग तस्करों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
वर्तमान में मोहम्मद सलीम डोला को दिल्ली में एनसीबी की कस्टडी में रखा गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां उसकी नेटवर्क और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। यह कार्रवाई देश में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूत बनाने वाली है और यह संदेश भी देता है कि कानून से बचना अब कठिन होता जा रहा है।











