दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अभी भी चिंता का विषय
दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी सुरक्षित सीमा से ऊपर बनी हुई है, जिससे शहर की हवा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार ने दावा किया था कि वर्ष 2025 में दिल्ली की वायु गुणवत्ता सबसे बेहतर रही है, लेकिन RTI के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों से इस बात की पुष्टि नहीं होती। सरकार का कहना था कि इस साल दिल्ली में प्रदूषण में कमी आई है, लेकिन वास्तविक आंकड़े इस दावे के विपरीत हैं।
सरकार और RTI रिपोर्ट के बीच असमानता
दिल्ली सरकार ने यह दावा किया था कि 2025 में शहर में आठ वर्षों में सबसे साफ हवा देखी गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 200 दिनों तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से नीचे रहा, और इस साल की वायु गुणवत्ता में 15 प्रतिशत सुधार हुआ है। सरकार ने यह भी बताया कि जनवरी से नवंबर तक का औसत AQI 187 रहा, जो पिछले कोविड प्रभावित वर्षों की तुलना में बेहतर है।
वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार AQI का वर्गीकरण 0 से 50 को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में करता है। लेकिन RTI के जवाब में प्राप्त आंकड़े इन दावों को खारिज करते हैं।
RTI डेटा से खुलासा: प्रदूषण में मामूली सुधार
RTI के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली ने 2025 में 200 से नीचे AQI वाले 200 दिन दर्ज किए, लेकिन यह पहली बार नहीं है। 2020, 2023 और 2024 में भी ऐसी संख्या अधिक थी, जिससे पता चलता है कि यह साल विशेष रूप से स्वच्छ नहीं था। RTI रिपोर्ट में 2025 के लिए PM2.5 का स्तर 104 और PM10 का स्तर 213 बताया गया है, जो सरकार के दावों से काफी अलग हैं।
सरकार ने इन सुधारों का श्रेय धूल नियंत्रण उपायों, मशीनरी से सफाई, निर्माण स्थलों पर नियंत्रण और औद्योगिक प्रदूषण को रोकने के कदमों को दिया है। हालांकि, जब इन दावों का समर्थन करने वाले दस्तावेज मांगे गए, तो DPCC ने कहा कि ये आंकड़े उसकी ‘एयर लैब’ से संबंधित नहीं हैं और कोई आधिकारिक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया।
कुल मिलाकर, RTI के आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदूषण में मामूली ही सही, लेकिन सुधार हो रहा है। फिर भी, दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी चिंताजनक स्तर पर है। इसलिए, 2025 को सबसे स्वच्छ साल कहना सही नहीं होगा, क्योंकि यह दावा अतिशयोक्ति प्रतीत होता है।











