आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द शुरू
ग्वालियर संभाग के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही आगरा से ग्वालियर तक नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू करेगा। यह लगभग 88 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे, जो पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल्ड होगा, यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब 4600 करोड़ रुपये है।
सुविधाजनक और तेज यात्रा का नया मार्ग
यह एक्सप्रेसवे बिना रुकावट के यात्रा सुनिश्चित करेगा, जिससे ग्वालियर से आगरा और उसके बाद NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) तक का सफर काफी तेज और आसान हो जाएगा। इस परियोजना से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुरैना, भिंड, शिवपुरी और दतिया जैसे जिलों को भी इस सड़क का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इस तरह, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच एक मजबूत आर्थिक सेतु का काम करेगा।
प्रमुख विशेषताएं और लाभ
यह मार्ग किसी भी अनधिकृत कट के बिना बनाया जाएगा और इंटरचेंज तथा फ्लाईओवर के माध्यम से ही वाहन प्रवेश और निकास कर सकेंगे। इससे वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। आगरा से जुड़ने के कारण यह मार्ग दिल्ली-मुंबई, यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ जाएगा। इससे ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के कृषि उत्पाद और औद्योगिक माल को दिल्ली-एनसीआर के बाजारों तक पहुंचाना अब अधिक सस्ता और तेज होगा।
सड़क पर अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, स्मार्ट साइनज, सेफ्टी बैरियर्स और आपातकालीन सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, दोनों ओर पौधारोपण और हरित पट्टी का निर्माण किया जाएगा, जिससे यह एक पर्यावरण मित्रता वाला ‘इको-फ्रेंडली’ कॉरिडोर बन जाएगा। यह एक्सप्रेसवे ‘गोल्डन ट्रायंगल’ (दिल्ली-आगरा-जयपुर) के करीब होने के कारण ग्वालियर के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगा। विदेशी पर्यटक अब आसानी से ग्वालियर के ऐतिहासिक किले और दतिया-शिवपुरी के पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प और होटल उद्योग को भी लाभ मिलेगा।









