नीतीश कुमार ने राज्यसभा में शपथ लेकर नई राजनीतिक शुरुआत की
बिहार की राजनीति के अनुभवी नेता और ‘चाणक्य’ के नाम से प्रसिद्ध नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण कर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि अब केंद्र सरकार में उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
केंद्र सरकार में नहीं मिलेंगी नीतीश कुमार को जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, अब यह स्पष्ट हो गया है कि नीतीश कुमार केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेंगे। उनका मुख्य ध्यान बिहार की नई सरकार को दिशा देने और जनता दल (यूनाइटेड) के संगठन को मजबूत बनाने पर रहेगा। इस नई रणनीति के तहत, उनका कार्य मॉडल अब दिल्ली और पटना के बीच बंट जाएगा। वे संसद सत्र के दौरान ही दिल्ली में रहेंगे, जबकि अधिकतर समय बिहार की जनता के बीच बिताएंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बावजूद, बिहार की राजनीति और अपनी पार्टी पर उनकी पकड़ मजबूत और सक्रिय बनी रहेगी।
बिहार में नई सरकार और मुख्यमंत्री का इंतजार
बता दें कि नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनते ही बिहार में उनके दो दशक से अधिक चले आ रहे शासन का औपचारिक अंत हो गया है। अब सभी की नजरें 14 अप्रैल पर टिकी हैं, जब एनडीए (NDA) विधायक दल की बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री का चुनाव होने की संभावना है। इस बैठक के परिणाम से ही बिहार की राजनीतिक दिशा तय होगी और नए नेतृत्व का चयन किया जाएगा।









