मध्य प्रदेश के बैतूल में नाबालिग विवाह का विवाद
बैतूल (Madhya Pradesh) में पारदी समाज की महिलाओं ने एक प्रमुख मुद्दा उठाया है, जिसमें उन्होंने नाबालिग बालिका मोनालिसा के विवाह को रद्द करने की मांग की है। महिलाओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा है कि मोनालिसा की उम्र अभी भी कम है और उसका विवाह कानून के खिलाफ है। इस मामले में समाज के प्रतिनिधियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन दिया है।
सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर विवाद
ज्ञापन में बताया गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर हुई जांच में इस प्रकरण के गंभीर और कानून के विपरीत तथ्य सामने आए हैं। समाज का दावा है कि बालिका की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है, जिससे उसकी उम्र लगभग 16 वर्ष थी जब उसका विवाह 11 मार्च 2026 को हुआ। यह बाल विवाह निषेध कानून का उल्लंघन है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि इस विवाह में बाहरी राज्यों के प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका हो सकती है, जिससे मामला और भी जटिल हो गया है।
मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया
काउंसलर हर्षिता का कहना है कि मोनालिसा का ब्रेनवॉश किया गया है और उसे परिवार के खिलाफ कर दिया गया है। उनका तर्क है कि यदि यह साबित हो जाता है कि विवाह के समय लड़की नाबालिग थी या दस्तावेजों में हेराफेरी हुई है, तो उस विवाह को ‘शून्य’ घोषित किया जा सकता है। समाज की ओर से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर तुरंत विवाह रद्द किया जाए और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।










