बिहार में राजनीतिक बदलाव की नई दिशा तय
बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें सत्ता का समीकरण पूरी तरह से बदलने की संभावना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली रवाना होंगे और वहां से शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इस प्रक्रिया के साथ ही वे लोकल से राष्ट्रीय स्तर के नेता बन जाएंगे। अगले 48 घंटों में बिहार की राजनीतिक दिशा और सत्ता का स्वरूप स्पष्ट हो जाएगा, जिससे सभी की नजरें टिकी हैं।
नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार की संभावना
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नीतीश कुमार अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद नई सरकार का गठन किया जाएगा। माना जा रहा है कि नीतीश 13 या 14 अप्रैल को पद छोड़ सकते हैं और 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है। इस बीच, दिल्ली में 10 अप्रैल को बिहार बीजेपी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें सरकार गठन की प्रक्रिया पर चर्चा संभव है।
बिहार में बीजेपी का नेतृत्व और मुख्यमंत्री का नाम
बिहार में अब कोई सियासी खेल नहीं बचेगा, क्योंकि बीजेपी ही नई सरकार का नेतृत्व करेगी। जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में सत्ता का नेतृत्व बीजेपी ही संभालेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी उन्हें ही दी जाएगी, जबकि जेडीयू एनडीए के साथ बनी रहेगी। इस बयान का अर्थ है कि बिहार में बीजेपी बड़े भाई की भूमिका निभाएगी, और जेडीयू छोटी बहन की तरह साथ रहेगी। अभी तक बीजेपी ने अपने नए मुख्यमंत्री के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है।









