नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़ से आठ श्रद्धालुओं की मौत
बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार को शीतला मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें आठ श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
मंदिर में भगदड़ के पीछे प्रशासन की लापरवाही और भीड़ का बढ़ना
मंदिर में भगदड़ की घटना के पीछे मुख्य कारण भीड़ का अचानक बढ़ना और प्रशासन की ओर से उचित व्यवस्था का अभाव माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि भीड़ इतनी अधिक हो गई थी कि व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई। एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि भीड़ इतनी थी कि लोग लाइन में लगने की बजाय एक-दूसरे पर सवार हो गए। कुछ श्रद्धालुओं ने सीधे-सीधे मंदिर की पंडा समिति को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया।
मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाएं
मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ इतनी अधिक थी कि कोई भी लाइन में नहीं लगना चाहता था। श्रद्धालुओं का आरोप है कि प्रशासन ने कोई उचित व्यवस्था नहीं की थी, जिससे यह भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई। एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर में भीड़ इतनी थी कि लोग जल्दी दर्शन करने के चक्कर में आपस में टकराने लगे। वहीं, स्थानीय निवासी ललित कुमार ने कहा कि यह घटना महावीर जयंती और मंगलवार के कारण अधिक भीड़ के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा कि भगदड़ बांस टूटने की वजह से हुई, और पुलिस-प्रशासन मौके पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुंचाया, जहां आठ श्रद्धालुओं को मृत घोषित कर दिया गया। सरकार ने घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश भी दिए हैं।










