मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की अफवाह ने मचाई हलचल
मध्यप्रदेश के कई जिलों में मंगलवार रात एक अफवाह ने ऐसा प्रभाव डाला कि सड़कों पर अचानक लंबी कतारें देखने को मिलीं। खबर फैली कि पेट्रोल और डीजल की भारी कमी हो गई है, जिससे लोग अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े। इस स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई शहरों में रातभर पुलिस तैनात करनी पड़ी। बुधवार सुबह भी कई स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी में ईंधन भरा गया। सवाल यह उठता है कि क्या वास्तव में मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल का संकट है या यह केवल अफवाह और डर का परिणाम है? इस संदर्भ में सप्लाई अधिकारियों से मिली जानकारी इस भ्रम की वास्तविकता को उजागर करती है। आइए, आजतक संवाददाता रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं।
इंदौर में भारी स्टॉक और अफवाह का खंडन
मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा शहर इंदौर, जिसे मिनी मुंबई भी कहा जाता है, से अफवाह की शुरुआत हुई। मंगलवार को अचानक ही लोगों के मोबाइल पर पेट्रोल-डीजल की कमी का संदेश फैल गया, जिसके बाद लोग तेजी से पेट्रोल पंपों की ओर भागे। देखते ही देखते, हजारों की संख्या में भीड़ जमा हो गई। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुंचे और जनता से अफवाह से बचने की अपील की। बुधवार को इंदौर के जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि जिले में रोजाना लगभग 10 लाख लीटर पेट्रोल और 15 लाख लीटर डीजल की खपत होती है, जबकि पंपों पर क्रमशः 42 लाख लीटर पेट्रोल और 65 लाख लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि खपत से कहीं अधिक ईंधन उपलब्ध है और सप्लाई भी निरंतर जारी है।
अन्य जिलों में भी पर्याप्त भंडारण और अफवाह का खंडन
आगर जिले में भी अफवाह फैलने के बाद लोग रातभर पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए। यहां के जिला आपूर्ति अधिकारी नारायण सिंह मुवेल ने बताया कि जिले में 1,80,000 लीटर पेट्रोल और 1,50,000 लीटर डीजल का स्टॉक है, जो अगले डेढ़ महीने तक के लिए पर्याप्त है। शाजापुर में पांच पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से तीन ने तेल कंपनियों को एडवांस पेमेंट नहीं भेजी थी, जिससे सप्लाई रोक दी गई थी। इस कारण अफवाह फैल गई, लेकिन अब पता चला है कि जिले में 9 लाख लीटर पेट्रोल और 16 लाख लीटर डीजल का स्टॉक सुरक्षित है। मंदसौर में भी मंगलवार रात को लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, लेकिन जिला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यहां 15 लाख लीटर पेट्रोल और 19 लाख लीटर डीजल उपलब्ध है। उज्जैन में 16,000 किलोलीटर पेट्रोल और 25,000 किलोलीटर डीजल का स्टॉक है, जो रोजाना की खपत से कहीं अधिक है। इसी तरह, राजगढ़ जिले में 7.75 लाख लीटर पेट्रोल और 12.46 लाख लीटर डीजल मौजूद है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि किसी भी जिले में ईंधन की कमी नहीं है, बल्कि अफवाहें ही इस हड़कंप का कारण हैं।










