पालम अग्निकांड पर सांसद संजय सिंह की गंभीर चिंता
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को संसद में पालम में हुई भीषण अग्निकांड की घटना को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दिल्ली सरकार के एक मंत्री के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें कहा गया था कि इस हादसे में गलती उस परिवार की ही थी। संजय सिंह ने फायर ब्रिगेड की लापरवाही का भी जिक्र किया और घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राजधानी दिल्ली में हुई दर्दनाक घटना का संसद में खुलासा
सांसद संजय सिंह ने बताया कि दिल्ली की राजधानी में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पदाधिकारी रहते हैं, फिर भी पालम क्षेत्र में एक भयानक अग्निकांड हुआ। इस हादसे में राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में नौ लोगों की जान गई, जिनमें एक मां और उसकी बेटी भी शामिल हैं, जिन्हें जलने के बाद अलग नहीं किया जा सका।
संजय सिंह ने बताया कि जब पीड़ित परिवार के सदस्य मदद की गुहार लगा रहे थे, उस समय फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं, लेकिन हाइड्रोलिक सीढ़ी सही से काम नहीं कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सत्तापक्ष के नेताओं को इस घटना पर हंसी आ रही थी, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही, उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड के पास सुरक्षा जाल भी नहीं था, जिससे लोग अपनी जान बचा सकें।
घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
संजय सिंह ने कहा कि पास ही एक गद्दे की दुकान थी, जहां गद्देवाले बार-बार कह रहे थे कि वे गद्दे लगा देंगे ताकि बच्चे कूदकर अपनी जान बचा सकें। लेकिन, इन प्रयासों को भी रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकारी लापरवाही का परिणाम है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
सांसद ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार के एक मंत्री ने घटना के पीछे परिवार की गलती को जिम्मेदार ठहराया, जो कि अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि इस मंत्री पर भी कार्रवाई हो और उनका इस्तीफा लिया जाए। साथ ही, उन्होंने बताया कि जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पीड़ित परिवार से मिलने गए, तो स्थानीय विधायक ने पूर्व विधायक विनय मिश्रा पर हमला किया।
संजय सिंह ने इस घटना की जांच के लिए समय सीमा तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है, साथ ही कहा कि संबंधित मंत्री का भी इस्तीफा आवश्यक है।









