दिल्ली में बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी की खबर
दिल्ली के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है कि आगामी महीनों में बिजली की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली सरकार तीन प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को 38,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया चुकाने की योजना बना रही है। यह कदम सरकार की ओर से वित्तीय दबाव को कम करने के प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
बिजली दरों में बढ़ोतरी का कारण और सरकार की योजना
एक सरकारी एजेंसी के अनुसार, सरकार उपभोक्ताओं पर बढ़ती लागत का प्रभाव कम करने के लिए बिजली की कीमतों में वृद्धि के साथ ही सब्सिडी भी प्रदान करने का विचार कर रही है। पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह तीन निजी डिस्कॉम BRPL, BYPL और TPDDL को 27,200 करोड़ रुपये की कैरिंग कॉस्ट (ब्याज सहित) का भुगतान सात वर्षों के भीतर करे।
रेगुलेटरी एसेट्स और भुगतान का वर्तमान हाल
दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) ने जनवरी में केंद्रीय एजेंसी APTEL को सूचित किया कि दिल्ली में कुल रेगुलेटरी एसेट्स की कीमत 38,552 करोड़ रुपये है। इनमें BRPL के लिए 19,174 करोड़, BYPL के लिए 12,333 करोड़ और TPDDL के लिए 7,046 करोड़ रुपये शामिल हैं। ये राशि उन खर्चों का प्रतिनिधित्व करती है जो डिस्कॉम ने बिजली आपूर्ति के लिए किए हैं, लेकिन वसूली में देरी के कारण ब्याज जुड़ने से इनकी कुल राशि बढ़ गई है।
अदालत ने DERC को वसूली योजना बनाने, कैरिंग कॉस्ट का हिसाब रखने और लंबी देरी की जांच करने का निर्देश दिया है। संभव है कि इन बकायों की वसूली सात वर्षों में बिजली बिलों में अतिरिक्त सरचार्ज जोड़कर की जाए। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने भी संकेत दिया था कि शहर में बिजली दरें बढ़ने की संभावना है, क्योंकि सरकार ने इन बकायों को वसूलने का अधिकार दिया है।











