झज्जर में बीडीएफ कॉलेज संचालक के बच्चे का अपहरण और पुलिस की कार्रवाई
झज्जर जिले में बीडीएफ कॉलेज के प्रबंधक के आठ वर्षीय बच्चे को होली के दिन अगवा कर लिया गया था। इस जघन्य अपराध के बाद अपहरणकर्ताओं ने पांच करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया, लेकिन अपराधी फरार होने में सफल रहे। इसके बाद पुलिस ने एक बड़े अभियान में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को पैर में गोली लगी है, जिससे वे घायल हो गए हैं।
सोनिपत में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़, दो बदमाश घायल
यह मुठभेड़ शनिवार सुबह सोनीपत के मेंहदीपुर गांव के पास एसटीएफ (Special Task Force) यूनिट बहादुरगढ़ (Bahadurgarh) के साथ हुई। सूत्रों के अनुसार, जब अपराधियों का सामना एसटीएफ से हुआ, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोलियां चलाईं, जिससे दो बदमाशों को पैर में गोली लगी। इस मुठभेड़ में पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। घायल बदमाशों को सोनीपत के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से दो अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ और आगे की जांच
एसटीएफ यूनिट बहादुरगढ़ के इंचार्ज राकेश ने बताया कि 4 मार्च को हुई इस मुठभेड़ में मंजीत उर्फ चित्रानंद और बिन्नी के पैर में गोली लगी है। इसके अलावा, उनके तीन साथी रोहित, दीपांशु और अशोक को भी गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों से पूछताछ जारी है, और उनके पास से दो अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने घटना स्थल से दो हथियार भी बरामद किए हैं।
राकेश ने बताया कि 8 साल के बच्चे का अपहरण कर पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने के मामले में मंजीत और बिन्नी के साथ ही उनके तीन अन्य साथियों का भी शामिल होना पाया गया है। इन सभी के खिलाफ पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं, और उनकी तलाश जारी है। इस जघन्य अपराध के पीछे का मकसद और अपराधियों का नेटवर्क अभी भी पुलिस की जांच का विषय है।










