उत्तर भारत में मार्च में फिर से ठंड का प्रकोप
उत्तर भारत में मार्च के महीने में एक बार फिर सर्द हवाओं ने दस्तक दी है। मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों का मौसम पूरी तरह से बदल गया है। बीते 24 घंटों में पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी देखने को मिली है, जबकि मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी और ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में दोपहर 1 बजे का तापमान 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो सामान्य सर्दियों के दिनों के तापमान से भी कम है। दिल्ली और एनसीआर में भी दोपहर का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है, जो आमतौर पर जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में देखा जाता है।
मौसम का रुख बदलने से तापमान में गिरावट और बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार मार्च के दूसरे सप्ताह में तापमान में वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन 15 मार्च के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे मौसम का मिजाज बदल दिया है। इसके कारण पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 20 मार्च तक गरज के साथ बारिश, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में 20 मार्च को ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त मध्य भारत और पूर्वी भारत में 21 मार्च तक गरज के साथ तेज हवाओं का दौर चल सकता है। मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भी 20 मार्च को ओलावृष्टि की आशंका है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 20 और 21 मार्च को ओले गिरने की संभावना है।
भारी बारिश और ठंडक का दौर जारी रहेगा
मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक दिन का तापमान सामान्य से कम बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, हालांकि इस दौरान किसी बड़े हीटवेव की आशंका नहीं है।
दिल्ली और एनसीआर में बीते 24 घंटों से हो रही बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट आई है, जो सप्ताह के अंत तक बनी रह सकती है। शनिवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
मौसम में इस बदलाव का असर ऊंचाई वाले इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। वहीं मैदानी इलाकों में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। इस बार मार्च का तीसरा सप्ताह राहत लेकर आया है, क्योंकि सामान्यतः इस समय गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन ठंडे मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत दी है।











