नर्मदापुरम जिले के बटकी गांव में शिक्षा व्यवस्था का गंभीर संकट
नर्मदापुरम (MP) जिले के सिवनी मालवा तहसील के बटकी गांव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां सरकारी स्कूल की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। यहां बच्चों की पढ़ाई अब कक्षा के ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी गई गिनतियों और वर्णमाला तक सीमित रह गई है।
स्कूल भवन की जर्जर स्थिति और बच्चों की पढ़ाई का संकट
गांव का प्राथमिक स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और पिछले दो वर्षों से यह पूरी तरह से टूट चुका है। इस कारण बच्चों के पास अपना स्कूल नहीं है। ऐसे में, 37 मासूम बच्चे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक सार्वजनिक मंगल भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।
यहां न तो कक्षा की व्यवस्था है, न ही बेंच-डेस्क और न ही पढ़ाई के बुनियादी संसाधन। ऊपर टीन शेड है और फर्श पर ही गिनतियों और हिंदी वर्णमाला को लिखा गया है, जिस पर बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
आगे की योजना और जिम्मेदारी का सवाल
हालांकि, इस मामले में जिला शिक्षा केंद्र और कलेक्टर की ओर से पत्राचार किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसे आगामी वित्तीय वर्ष की कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगले साल भवन निर्माण की स्वीकृति मिल सकती है।
डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल का कहना है कि बटकी में स्कूल भवन बनाने का प्रस्ताव पहले ही भेजा गया था और स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य शिक्षा केंद्र से आवश्यक राशि नहीं मिल पाई है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
इस बीच, बच्चों की पढ़ाई का यह संकट गहरा होता जा रहा है, और सवाल उठता है कि जब दो साल से स्कूल का भवन नहीं बन पाया है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? और तब तक क्या बटकी के बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ेगी?









