मध्य प्रदेश के सागर जिले में दर्दनाक परिवारिक त्रासदी
सागर (Sagar) जिले के एक छोटे से गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक महिला ने अपने चार मासूम बेटियों को बावड़ी में फेंकने के बाद खुद फांसी लगा ली। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है और लोग गहरे सदमे में हैं। यह घटना केसली (Keshli) थाना क्षेत्र के नन्ही देवरी खमरिया (Nani Devari Khamria) गांव की है। गुरुवार दोपहर को जब यह मामला सामने आया, तो पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। तुरंत ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
मृतक महिला की पहचान और घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मृत महिला की पहचान सविता बाई (28) के रूप में हुई है। उसकी चार बेटियां थीं, जिनके नाम अंशिका (7), रक्षा (5), दीक्षा (3) और पांच महीने की मनीषा थे। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से तीन बच्चियों के शव बावड़ी से बरामद कर लिए गए हैं, जबकि पांच महीने की मासूम मनीषा की तलाश अभी भी जारी है। परिजनों का कहना है कि सविता का पति चंद्रभान लोधी (Chandbhan Lodhi) मजदूरी के लिए घर से बाहर गया हुआ था। बताया जा रहा है कि वह लगभग एक साल से घर से दूर था और परिवार से उसका संपर्क भी बहुत कम हो गया था। घर में सविता के ससुर और ननद मौजूद थे। बुधवार रात सभी ने साथ में खाना खाया और फिर अपने-अपने कमरे में सोने चले गए।
परिवारिक तनाव और जांच प्रक्रिया
सुबह जब परिवार जागा, तो सविता और उसकी बेटियों का घर में कोई पता नहीं चला। पहले तो परिवार को लगा कि वे कहीं आसपास गई होंगी, लेकिन काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पड़ोसियों को सूचित किया गया और खोजबीन शुरू हुई। इसी दौरान गांव के बाहर एक पेड़ पर सविता का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। यह देखकर परिजन सदमे में आ गए। पुलिस को सूचित किया गया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी गई। आसपास के इलाकों में खोजबीन के दौरान घर से कुछ दूरी पर बावड़ी में बच्चियों के शव पाए गए। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तीनों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाले गए, लेकिन पांच महीने की मनीषा का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस और स्थानीय लोग उसकी तलाश में लगे हैं।
केसली थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला अपने पति के लंबे समय से घर न आने और संपर्क न रखने के कारण मानसिक तनाव में थी। इसी तनाव के चलते उसने यह भयावह कदम उठाया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। चार मासूम बच्चियों और उनकी मां की इस दर्दनाक कहानी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव इंसान को किस हद तक तोड़ सकता है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापता बच्ची की तलाश जारी है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।











