जबलपुर हाईकोर्ट में भ्रूण लेकर पहुंचने का मामला चर्चा में
जबलपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति अपनी पत्नी के गर्भपात के बाद मृत भ्रूण लेकर सीधे कोर्ट रूम में प्रवेश कर गया। उसने जज की मेज पर भ्रूण रखकर न्याय की गुहार लगाई और कहा कि या तो उसे न्याय दिया जाए या फिर ‘इच्छा मृत्यु’ की अनुमति दी जाए। यह घटना कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
मामले का संक्षिप्त विवरण और आरोपी का राजनीतिक इतिहास
यह मामला रीवा निवासी दयाशंकर पांडे का है, जो पहले जबलपुर के शुभ मोटर्स में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। उनके अनुसार, काम के दौरान उन्हें शोरूम में लगभग 200 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का पता चला था। जब उन्होंने इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई और सत्य उजागर करने का प्रयास किया, तो उनके और उनके परिवार पर जानलेवा हमले शुरू हो गए।
हाल ही में हुए एक हमले में उनकी पत्नी के साथ मारपीट हुई, जिससे उनका मिसकैरेज हो गया। इसी मृत भ्रूण को वे न्याय के सबूत के रूप में कोर्ट लाए थे। दयाशंकर का कहना है कि वे राजनीति में भी सक्रिय हैं और 2024 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में उन पर चार बार जानलेवा हमला हो चुका है।
पुलिस और हाईकोर्ट की कार्रवाई और सुरक्षा चूक
घटना के तुरंत बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा और ओमती पुलिस सक्रिय हो गई। CSP सोनू कुर्मी ने बताया कि दयाशंकर पांडे और उनकी पत्नी को थाने लाकर समझाइश दी गई। इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है, क्योंकि कोर्ट के अंदर भ्रूण लेकर पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी दर्शाता है।











