कूनो नेशनल पार्क में जलीय जीवों का संरक्षण अभियान
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क अब केवल चीते ही नहीं, बल्कि जलीय जीव जैसे घड़ियाल और कछुए भी अपने प्राकृतिक आवास में नजर आएंगे। इस संरक्षण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने कूनो नदी में इन जलीय प्रजातियों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा है। यह कदम जैव विविधता के संरक्षण और नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने घड़ियाल और कछुए का किया विमोचन
28 फरवरी को बोत्सवाना (Botswana) से लाए गए नौ चीते तो कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, लेकिन एक दिन बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने पालपुर फोर्ट के सामने कूनो नदी के किनारे आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और 53 घड़ियाल तथा 25 कछुए नदी में छोड़े। इन घड़ियालों में से 28 नर और 25 मादाएं हैं, जबकि कछुए थ्री स्ट्रिप्ड रूफ टार्टल प्रजाति के हैं, जिनका वैज्ञानिक नाम वाटागुरु डोगोका है।
जलीय जीवों का संरक्षण और महत्व
इन जलीय प्रजातियों में घड़ियाल और कछुए गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियां हैं। ये जीव जैव विविधता की अनमोल धरोहर हैं और नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कन्जर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की रेड लिस्ट में इन जीवों को संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है, और राज्य सरकार इनकी सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है।











