सहरसा से लापता पांच नाबालिग लड़कियों का सुरक्षित पता चला
बिहार के सहरसा जिले से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां रहस्यमय तरीके से लापता हुई पांच नाबालिग लड़कियों को आखिरकार सुरक्षित ढूंढ लिया गया है। इन बच्चियों को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया है।
लापता बच्चियों की खोज में पुलिस की सक्रियता और रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई
मामला सहरसा के नौहट्टा नगर पंचायत क्षेत्र का है, जहां ये पांचों लड़कियां 27 फरवरी की सुबह घर के पास बहियार में घास काटने निकली थीं। शाम तक जब वे घर वापस नहीं लौटीं, तो परिवार में हड़कंप मच गया। एक साथ पांच बच्चियों के लापता होने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजन लगातार उनकी खोज में जुट गए, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उनका सुराग नहीं मिल पाया। इस स्थिति में परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया और बच्चियों की तलाश शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने अनुमान लगाया कि ये बच्चियां रेलवे मार्ग से कहीं बाहर जा सकती हैं। इसके बाद सभी संभावित रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ाई गई और रेलवे पुलिस (RPF) तथा जीआरपी को बच्चियों की तस्वीरें और विवरण भेजे गए।
लखनऊ रेलवे स्टेशन पर बच्चियों का सुरक्षित मिलना और पुलिस की तत्परता
28 फरवरी की रात को लखनऊ के ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर टीटीई, रेलवे कर्मचारी, आरपीएफ और जीआरपी की सतर्कता से इन पांचों बच्चियों की पहचान हो गई। तत्परता से कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
खबर मिलते ही सहरसा पुलिस की टीम तुरंत ही लखनऊ के लिए रवाना हो गई, ताकि बच्चियों को वापस घर लाया जा सके। डीएसपी केपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने समन्वय बनाकर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। अब जब बच्चियों को सुरक्षित पाया गया है, तो परिजन पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त कर राहत की सांस ले रहे हैं।
अभी भी बड़ा सवाल यह है कि घर के पास घास काटने निकली ये बच्चियां आखिर लखनऊ कैसे पहुंच गईं। पुलिस का कहना है कि बच्चियों से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।










