ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु पर देशभर में शोक और विरोध प्रदर्शन
ईरान के प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी व्यापक स्तर पर शोक और विरोध की लहर दौड़ गई है। इजराइल और अमेरिका की संयुक्त कार्रवाई में खामेनेई के मारे जाने के बाद जम्मू-कश्मीर से लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
कश्मीर और उत्तर प्रदेश में विरोध की झलक
श्रीनगर में कश्मीरी शिया मुसलमानों ने लाल चौक पर खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं कारगिल में भी इस घटना के विरोध में आवाज उठाई गई है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
मौलाना सैफ अब्बास का बयान और देशभर में शोक कार्यक्रम
लखनऊ में शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इजराइल और अमेरिका ने जो हमला किया, उसे आतंकवादी हमला माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध की ओर धकेल दिया है। मौलाना ने यह भी स्पष्ट किया कि खामेनेई किसी एक देश के नेता नहीं थे, बल्कि हर मुसलमान और दबे-कुचले इंसान के प्रतीक थे। उनका मानना है कि ईरान इस संघर्ष में विजयी होगा।
लखनऊ में तीन दिन का शोक मनाया जा रहा है, जहां मौलाना कल्बे जवाद साहब ने लोगों से दुकाने और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है। रात आठ बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। देशभर के शिया समुदाय से भी अपील की गई है कि वे एक साथ शोक मनाएं और संभव हो तो कैंडल मार्च निकालें।










