प्रधानमंत्री मोदी का मानव-केंद्रित AI विजन और समिट का उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य के लिए एक मानव-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि तेज़ी से विकसित हो रही इस तकनीक का उद्देश्य सभी के लाभ और खुशहाली को सुनिश्चित करना है। मोदी ने जोर देकर कहा कि AI को केवल डेटा या रॉ मटेरियल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानवता के हित में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि AI का लोकतांत्रिकरण और सभी के साथ मिलकर चलने वाला मॉडल जरूरी है, ताकि यह समाज के हर वर्ग के लिए फायदेमंद साबित हो सके।
AI के लिए मोदी का ‘MANAV’ फ्रेमवर्क और इसकी महत्ता
प्रधानमंत्री ने AI के विकास में नैतिकता और जवाबदेही को प्राथमिकता देने के लिए ‘MANAV’ (मानव) फ्रेमवर्क पेश किया। इस फ्रेमवर्क में शामिल हैं: नैतिक और एथिकल सिस्टम, जवाबदेह शासन, राष्ट्रीय संप्रभुता, सुलभता और समावेशन, तथा वैधता और जायज़ता। मोदी ने कहा कि हमें AI को मानव-केंद्रित बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि यह इंसान और डिजिटल इंटेलिजेंस के मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दृष्टिकोण हमारे सिस्टम को अधिक स्मार्ट, कुशल और प्रभावशाली बनाएगा, साथ ही लोगों को रचनात्मक और इनोवेटिव भूमिका निभाने के अवसर भी प्रदान करेगा।
AI का मानवता पर प्रभाव और जिम्मेदारी का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI मशीनों को अधिक बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन इससे मानव क्षमता भी कई गुना बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि तकनीक का प्रभाव पहले दशकों में देखने को मिलता था, लेकिन अब मशीन लर्निंग की मदद से यह प्रक्रिया तेज और व्यापक हो गई है। मोदी ने चेतावनी दी कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि AI इंसानों का सिर्फ डेटा पॉइंट न बन जाए। उन्होंने कहा कि मानव इतिहास में ऐसे मोड़ आए हैं जिन्होंने सभ्यता और विकास की दिशा तय की है, और AI भी इसी तरह का बदलाव ला रहा है। यह मशीनों को इंटेलिजेंट बनाते हुए मानव कौशल को भी बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि हमें स्किलिंग, रीस्किलिंग और लाइफलॉन्ग लर्निंग को एक बड़े आंदोलन के रूप में विकसित करना चाहिए। AI का सही दिशा में उपयोग मानवता की क्षमता को बढ़ाने का माध्यम है, जबकि दिशाहीन होने पर यह बाधा बन सकता है। इस समिट का मुख्य उद्देश्य AI को मानव-केंद्रित, जिम्मेदार और भरोसेमंद बनाना है, ताकि यह समाज की भलाई और खुशहाली का साधन बन सके।










