बिहार में परीक्षा के दौरान छात्रा की दुखद आत्महत्या
बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी क्षेत्र में मंगलवार को मैट्रिक परीक्षा से वंचित होने के तनाव में एक छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। खैरजवां गांव की निवासी कोमल परीक्षा केंद्र समय पर नहीं पहुंच सकी थी, क्योंकि रास्ते में भारी ट्रैफिक जाम के कारण उसकी यात्रा बाधित हो गई थी। परीक्षा केंद्र प्रबंधन ने देरी के कारण उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया।
परीक्षा के तनाव और सड़क जाम का असर
घर लौटने के बाद छात्रा अपने दुख को छुपाते हुए बिना किसी को बताए निकल गई और पटना-गया रेलखंड पर तरेगना स्टेशन और छोटकी मसौढ़ी हॉल्ट के बीच महाराजचक गांव के पास ट्रेन की चपेट में आ गई। परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह इस सदमे को सहन नहीं कर सकी। सूचना मिलते ही मसौढ़ी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
परीक्षा व्यवस्था और सड़क जाम की समस्या पर चिंता
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में परीक्षा केंद्र की सख्ती और सड़क जाम जैसी समस्याओं को लेकर नाराजगी देखने को मिली है। उनका मानना है कि छात्रों के लिए ऐसी परिस्थितियों में लचीली व्यवस्था होनी चाहिए। इस दुखद घटना ने बिहार विधान परिषद में भी चिंता जताई है, जहां विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है।










