मध्य प्रदेश विधानसभा में गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग तेज
मध्य प्रदेश की विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आतिफ अकील ने इस मुद्दे को लेकर अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे केवल प्रचार का हथकंडा बताया है।
भोपाल उत्तर से चुने गए विधायक आतिफ अकील ने अपने प्रस्ताव में कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए, उन्हें राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गाय की मृत्यु पर उसका सम्मानजनक अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए और गोकशी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून बनाए जाने चाहिए।
पूर्व में भी उठाई गई थी गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग
यह पहली बार नहीं है जब किसी विधायक ने गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग की हो। उनके पिता आरिफ अकील ने वर्ष 2013 में भी इसी तरह का अशासकीय संकल्प विधानसभा में पेश किया था, लेकिन वह पारित नहीं हो पाया। इस बार आतिफ अकील उम्मीद कर रहे हैं कि उनका प्रस्ताव गंभीरता से लिया जाएगा और विधानसभा इसे मंजूरी देगी।
वहीं, सरकार का कहना है कि वह पहले से ही गौ संरक्षण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है।
बीजेपी का विरोध और राजनीतिक बहस
बीजेपी ने इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया है। प्रोटेम स्पीकर और बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि ऐसे मुद्दों को राजनीतिक मंच से उठाने के बजाय समाज के व्यापक समर्थन के साथ ही चर्चा में लाना चाहिए।
विपक्ष का मानना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का यह प्रस्ताव राजनीतिक और धार्मिक विमर्श को फिर से केंद्र में ला खड़ा करता है। अब देखना यह है कि विधानसभा इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेती है और क्या यह मांग सियासी बहस से आगे बढ़कर स्थायी निर्णय में बदल पाती है।









