दिल्ली में स्कॉर्पियो दुर्घटना का आरोपी किशोर का भाई का बयान
दिल्ली में एक स्कॉर्पियो कार की टक्कर में एक युवक की मौत के मामले में आरोपी किशोर के भाई ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने दावा किया कि इस हादसे के पीछे बाइक की तेज रफ्तार ही जिम्मेदार थी। साथ ही उन्होंने बताया कि पीड़ित की बाइक अचानक बस के पीछे से तेज गति में निकली, और उसी समय उसकी टक्कर स्कॉर्पियो से हो गई।
आरोपी के भाई का आरोप और घटना का विवरण
भाई ने यह भी कहा कि किशोर की गलती केवल इतनी थी कि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हादसे के बाद किशोर मौके से भागा नहीं, बल्कि घायल की मदद के लिए रुका। उनके अनुसार, किशोर ने घायल को उठाया और उसकी सहायता की। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने उस समय घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले कैब चालक को भी देखा था।
मामले में आरोपी का समर्थन और पुलिस की जांच
आरोपी के भाई ने यह भी कहा कि उनकी बहन ने घटना के दौरान कार में मौजूद होकर वीडियो रिकॉर्ड किया था, और पुलिस ने उस वीडियो को भी देखा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्कॉर्पियो पर कुल 13 चालान हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि घटना का एक वीडियो भी मौजूद है, जिसमें साफ दिख रहा है कि बाइक बस को ओवरटेक कर रही थी और तभी उसकी टक्कर स्कॉर्पियो से हो गई।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी ने शुरुआत में अपनी उम्र 19 साल बताई थी, लेकिन दस्तावेजों की जांच के बाद पता चला कि वह केवल 17 वर्ष का नाबालिग है। उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेजा गया है और अभी उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पीड़ित की मां ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को दो घंटे तक सड़क पर बिना मदद के पड़ा रहने दिया गया, और आरोपी के परिवार ने उन्हें धमकाने का प्रयास भी किया। इस पर आरोपी के भाई ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि उन्होंने तुरंत घायल की मदद की।
वहीं, डीसीपी द्वारका ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मोटर व्हीकल एक्ट सहित सभी संबंधित धाराओं को लागू किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना का एक वीडियो मौजूद है, जिसमें पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि अभी तक किसी भी तरह का स्टंट या रील बनाने का कोई सबूत नहीं मिला है।
अंत में, पुलिस ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से जुड़ी हर जानकारी का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।










