दिल्ली में कार में मिली तीन लाशों का रहस्य सुलझा
दिल्ली के पीरागढ़ी क्षेत्र में एक कार से तीन शव मिलने का मामला अब पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है। पुलिस की जांच में पता चला है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश का परिणाम था। इस जघन्य अपराध में एक स्वयंभू तांत्रिक ने लालच देकर तीनों को फंसाया था। लोनी से लौटते समय जहरीले लड्डू खिलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने तांत्रिक को किया गिरफ्तार और खुलासा किया
पश्चिम विहार ईस्ट इलाके में कार के अंदर तीन शव मिलने के सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस ने 72 वर्षीय तांत्रिक कमरुद्दीन को हिरासत में लिया है। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने लूट के इरादे से जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों की हत्या की थी। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या और लूट के आरोप भी दर्ज कर लिए हैं। डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, रविवार को पीरागढ़ी के पास खड़ी एक कार से तीन शव बरामद हुए थे। मृतकों की पहचान रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने तंत्र-मंत्र के नाम पर विश्वास में लेकर तीनों को जहरीला पदार्थ खिलाया, जिससे उनकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तांत्रिक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है।
पूर्व में भी हत्या के मामले में आरोपी रहा है कमरुद्दीन
गिरफ्तारी से पहले ही कमरुद्दीन पर फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर थाना में दोहरे हत्याकांड का मामला दर्ज था। 13 मई 2025 को अपराध संख्या 105/2025 के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वादी राम सिंह पुत्र जगजीवन निवासी ग्राम नगला गोकुल, थाना मक्खनपुर ने आरोप लगाया था कि उनके रिश्तेदार रामनाथ और पुरन कुछ समय से कमरुद्दीन के संपर्क में थे। आरोपी झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का काम करता था और जमीन में गड़ा खजाना निकालने का झांसा देकर उन्हें अपने प्रभाव में ले आया था। 8 मई 2025 को आरोपी ने दोनों को अपने घर ले जाकर तांत्रिक क्रिया कराई और फिर जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी। दोनों शव 9 मई 2025 को फारूकी ग्लास फैक्ट्री के सामने एक गली में मिले थे। उस समय पुलिस ने गिलास, लड्डू और अन्य सामग्री भी बरामद की थी। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।










