मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अनिवार्य गायन
मध्यप्रदेश सरकार ने अब अपने सभी सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों को गायन अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि यह आदेश राज्य में पूरी तरह से लागू किया जाएगा, जिससे राज्य का यह कदम राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।
गृह मंत्रालय का निर्देश और राज्य का कदम
28 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया कि जब भी राष्ट्रीय गीत ‘जन गण मन’ और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ एक साथ बजाए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंद गाए जाएंगे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है कि ‘वंदे मातरम्’ को सम्मानपूर्वक पहले गाया जाएगा। मध्यप्रदेश इस आदेश को पूरी तत्परता से लागू करने वाला अग्रणी राज्य बनेगा।
राष्ट्रीय एकता और सम्मान का प्रतीक
राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान हमारे सम्मान की पहचान हैं। जब इन्हें गाया जाता है, तो ऊर्जा का संचार होता है और यह देश की एकता को मजबूत करता है। यह आदेश ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड, राष्ट्रपति के आगमन और सभी सार्वजनिक सरकारी समारोहों पर लागू होगा। केंद्र सरकार इस कदम को ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में उठा रही है, ताकि देशभक्ति की भावना और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद किया जा सके।









