दिल्ली और RCB के बीच वडोदरा में फाइनल मुकाबला रोमांचक मोड़ पर
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने टॉस जीतकर फाइनल में पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया है, जबकि दिल्ली कैपिटल्स इस बार अपने खिताबी ख्वाब को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली को Women’s Premier League (WPL) के फाइनल का अनुभव पहले ही हो चुका है, लेकिन अब तक यह टीम अपने खिताब से वंचित रही है। लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंचने के बावजूद, दिल्ली का सपना अभी भी अधूरा है। गुरुवार को वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में दिल्ली का मुकाबला RCB से होगा, और इस बार उसकी नजरें ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ अपने ‘अभिशाप’ को तोड़ने पर टिकी हैं।
दिल्ली की चुनौती और पिछला फाइनल दर्द
पिछले सीजन (2023, 2024 और 2025) में दिल्ली कैपिटल्स ने लीग चरण में शानदार प्रदर्शन कर सीधे फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह से बदल गई। शुरुआत में दिल्ली टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन टीम ने शानदार वापसी की और एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स को सात विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत में दिल्ली के गेंदबाजों का प्रदर्शन विशेष रहा। अब टीम का लक्ष्य है कि वह लंबे समय से चले आ रहे इस ‘अभिशाप’ को तोड़ते हुए पहली बार Women’s Premier League का खिताब अपने नाम करे।
2024 का फाइनल और इतिहास बदलने का अवसर
अगर आप 2024 का WPL फाइनल याद कर सकते हैं, तो दिल्ली कैपिटल्स का दिल टूटना भी ताजा होगा। उस समय दिल्ली ने शेफाली वर्मा और मेग लैनिंग की मजबूत साझेदारी के दम पर 7.1 ओवर में 64/1 का स्कोर बना लिया था, लेकिन इसके बाद RCB ने जबरदस्त वापसी की और दिल्ली को सिर्फ 113 रन पर ऑलआउट कर दिया। RCB ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर खिताब जीत लिया। अब दो साल बाद, दिल्ली के पास उसी टीम से बदला लेने और इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है।
वडोदरा में फिर आमना-सामना और टेबल टॉपर का ‘श्राप’
इस सीजन दिल्ली को नवी मुंबई में RCB के हाथों हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन वडोदरा में खेले गए मुकाबले में दिल्ली ने वापसी कर RCB को हराया। अब फाइनल भी उसी मैदान पर खेला जाएगा, जहां दिल्ली अपने खिताब का सपना देख रही है। Women’s Premier League में अब तक टॉप पर रहने वाली टीम भी फाइनल नहीं जीत सकी है, और यह दिल्ली का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस बार RCB ने लीग स्टेज में पहला स्थान हासिल किया है, और स्मृति मंधाना की कप्तानी में टीम ने शुरुआती पांच मुकाबले जीतकर टॉप-3 में जगह बनाई। टीम को फाइनल से पहले एक हफ्ते का आराम मिला है, लेकिन मेग लैनिंग ने स्वीकार किया है कि ज्यादा आराम कभी-कभी टीम की लय बिगाड़ सकता है। अब RCB का लक्ष्य है कि वह टेबल टॉपर वाली ‘कहावत’ को तोड़ते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाए।
दोस्तों की टक्कर: मंधाना बनाम जेमिमा
यह फाइनल सिर्फ RCB और दिल्ली के बीच ही नहीं है, बल्कि दो करीबी दोस्तों-स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स-के बीच भी है। दोनों ने मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ दिया है, लेकिन गुरुवार को मैदान पर सिर्फ जीत ही मायने रखेगी। स्मृति मंधाना पहले ही Women’s Premier League ट्रॉफी जीत चुकी हैं, जबकि जेमिमा के लिए यह खिताब उनके करियर का नया अध्याय साबित हो सकता है।
संभावित प्लेइंग XI
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: ग्रेस हैरिस, स्मृति मंधाना (कप्तान), जॉर्जिया वोल, राधा यादव, ऋचा घोष (विकेटकीपर), नाडीन डी क्लर्क, पूजा वस्त्राकर, अरुंधति रेड्डी, सयाली साठघरे, श्रेयांका पाटिल, लॉरेन बेल।
दिल्ली कैपिटल्स: लिज़ेल ली (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, लॉरा वोल्वार्ड्ट, जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), मरिज़ान काप्प, चिनेल हेनरी, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, मिन्नू मणि, श्री चरनी, नंदिनी शर्मा।











