दरभंगा में एम्स निर्माण पर राजनीतिक विवाद तेज
दरभंगा में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण कार्य को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीते दस वर्षों में भी इस अस्पताल का केवल मुख्य गेट ही बन पाया है, जबकि सरकार के दावे झूठे साबित हो रहे हैं। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर केवल मेन गेट के पिलर की तस्वीर साझा कर यह आरोप लगाया है कि अस्पताल की वास्तविक स्थिति अभी भी अधूरी है।
कांग्रेस का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी लगातार झूठ बोलते रहे हैं और दरभंगा एम्स इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार ने मिथिला की जनता को जुमलों के सहारे बहलाने का प्रयास किया है, जबकि हकीकत में अस्पताल का निर्माण अभी भी अधूरा है। स्थानीय लोगों में भी इस परियोजना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी और आंदोलन की चेतावनी
दरभंगा के निवासी अविनाश भारद्वाज ने कहा कि दस साल बीत जाने के बाद भी एम्स का सपना पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरे दशक में केवल एक गेट का निर्माण ही संभव हो पाया है, जबकि सांसद और विधायक दोनों ही इस क्षेत्र से हैं। भारद्वाज ने इसे मिथिला के लोगों के साथ विश्वासघात बताया। वहीं, मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेता गोपाल चौधरी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो युवा और छात्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।









