दिल्ली सरकार की नई क्रेडिट लोन योजना से छोटे उद्यमियों को मिलेगी राहत
दिल्ली की भाजपा सरकार ने युवाओं, स्टार्टअप संस्थापकों और छोटे व्यवसायियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘विकसित दिल्ली क्रेडिट लोन स्कीम’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब स्टार्टअप्स और लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) को बिना सुरक्षा जमानत के 10 करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए दिल्ली सरकार और बैंकिंग संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में प्रतिभा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन अब तक संपत्ति की कमी के कारण कई युवा और उद्यमी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। यह नई योजना उनके सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। खास बात यह है कि इस लोन पर सरकार की गारंटी होगी, जिसमें केंद्र सरकार 75 प्रतिशत और दिल्ली सरकार 20 प्रतिशत गारंटी देगी, यानी कुल 95 प्रतिशत गारंटी कवर उपलब्ध होगा।
सरकार का समर्थन और वित्तीय व्यवस्था
दिल्ली सरकार ने Micro और Small Enterprises के लिए बिना संपत्ति गिरवी रखे और बिना गारंटी के लोन की व्यवस्था सुनिश्चित की है। अक्सर छोटे उद्यमियों को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है, लेकिन अब सरकार ने CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) के साथ मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला है। सरकार ने इस योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का गारंटी फंड भी तैयार किया है, जिससे लगभग 2500 करोड़ रुपये तक का ऋण वितरित किया जा सकेगा। यदि मांग बढ़ती है, तो फंड और ऋण सीमा को और भी बढ़ाया जाएगा। इस वर्ष कम से कम एक लाख लोगों को इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।










