डिजिटल माध्यमों पर भारत विरोधी गतिविधियों का खुलासा
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों पर देशविरोधी और आतंकवादी विचारधारा को बढ़ावा देने का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जांच के दौरान कई आपत्तिजनक तस्वीरें, नक्शे, संदेश और चैट सामने आई हैं, जिनमें भारत की संप्रभुता को चुनौती देने के साथ-साथ हिंसक धमकियां भी दी गई हैं। इन गतिविधियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
सामने आई आपत्तिजनक तस्वीरें और धमकी भरे संदेश
जांच में एक तस्वीर में लाल किले पर तिरंगे की जगह काला इस्लामिक झंडा दिखाया गया है, जिसके नीचे अंग्रेजी में AL FAIZAN CHOUDHARY लिखा है। दूसरी तस्वीर में भारतीय उपमहाद्वीप का नक्शा दिखाया गया है, जिसमें कश्मीर को छोड़कर भारत के बाकी हिस्सों को काले रंग में दर्शाया गया है और उस पर अरबी भाषा में लिखा है। साथ ही कश्मीर में तथाकथित आजाद कश्मीर का झंडा भी दिखाया गया है।
एक अन्य तस्वीर में अंग्रेजी में गंभीर धमकी भरा संदेश लिखा है, जिसमें दिल्ली और भारत के कुछ नामों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इन सभी की मौत बहुत नजदीक है और उन्हें कैसे मारा जाएगा, यह भी दिखाया जाएगा। संदेश के अंत में “इंशाल्लाह” लिखा है। इन संदेशों में कई नाम शामिल हैं, जो आतंकवादी गतिविधियों की ओर संकेत करते हैं।
खुफिया जांच में मिले विवादित नक्शे और नेटवर्क का खुलासा
जांच के दौरान एक नक्शा भी मिला है जिसका शीर्षक अंग्रेजी में 2026 Overview Muslim Territories Currently Under Kuffar Occupation है। इसमें एशिया का नक्शा दिखाया गया है और विभिन्न क्षेत्रों को विवादित और भड़काऊ तस्वीरों के साथ दर्शाया गया है। एक और फोटो में आरोपी का चेहरा ढका हुआ है और वह उंगली उठाए हुए नजर आ रहा है, जिस पर Al-Jihad लिखा है।
इसके अलावा, एक विश्व मानचित्र की पृष्ठभूमि में काला इस्लामिक झंडा दिखाया गया है, जिस पर अरबी और उर्दू में लिखा है और अंग्रेजी में Hizb ut-Tahrir का नाम भी दर्ज है। जांच में कई व्यक्तियों की तस्वीरें भी मिली हैं, जिनके चेहरों को गोला बनाकर संभावित निशाने के रूप में चिन्हित किया गया है।
डिजिटल जांच में चैट्स और वीडियो के माध्यम से नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास तेज हो गया है। इन चैट्स में Mohammed Abu Bakar नाम के संपर्क से बातचीत सामने आई है, जिसमें आतंकी फरहतुल्लाह घोरी के भड़काऊ वीडियो, जैश ए मोहम्मद के प्रचार वीडियो और उर्दू में कट्टर भाषणों की ऑडियो फाइलें शामिल हैं। एजेंसियां इन सभी गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं।











