दिल्ली में जनवरी में सबसे अधिक बारिश और खराब हवा की स्थिति
मंगलवार को दिल्ली में हुई भारी बारिश ने जनवरी के महीने में चार वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस वर्षा के कारण तापमान में गिरावट आई है, हालांकि हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 336 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक स्थिति दर्शाता है। मौसम विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने का अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रहने की संभावना व्यक्त की है।
मौसम का हाल और तापमान में उतार-चढ़ाव
सफदरजंग, जिसे दिल्ली का मुख्य मौसम केंद्र माना जाता है, वहां का अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.2 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा नीचे था। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, ठंडे दिन की कुछ शर्तें पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अगले दिन तापमान में बढ़ोतरी की संभावना के कारण इसे आधिकारिक तौर पर ठंडा दिन नहीं माना गया। विभिन्न इलाकों में अलग-अलग मात्रा में बारिश हुई, जिसमें पालम, रिज, लोदी रोड और आयानगर जैसे क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पहले रेड और बाद में येलो अलर्ट जारी किया है, और बुधवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम 18 डिग्री रहने का अनुमान है।
दिल्ली की हवा और प्रदूषण का बढ़ता संकट
बारिश के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता और भी खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 24 घंटे का औसत AQI 336 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वजीरपुर क्षेत्र में AQI 421 तक पहुंच गया, जो सबसे अधिक प्रदूषित माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता और खराब रहने की आशंका है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। दिल्ली में वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।











