बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव का टिकट चयन विवाद
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने रोहतास जिले की दिनारा सीट से उस समय के विधायक विजय कुमार मंडल का टिकट काटकर राजेश यादव को उम्मीदवार बनाया था। यह निर्णय चुनाव के लगभग दो महीने बाद सामने आया, जिसके कारण पार्टी के अंदर ही सवाल उठने लगे। पटना के मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय व्यक्त की है।
विजय मंडल का टिकट क्यों काटा गया, इस पर सवाल
भाई वीरेंद्र ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कहा कि आखिर क्यों विजय कुमार मंडल का टिकट काटकर पार्टी ने दूसरे प्रत्याशी को मौका दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उस सीट पर पार्टी को चुनाव में नुकसान क्यों झेलना पड़ा, जबकि दिनारा सीट से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLP) के उम्मीदवार आलोक कुमार सिंह ने जीत हासिल की। वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर गलत प्रत्याशी चयन के कारण यह हार हुई।
वीडियो में क्या बोले भाई वीरेंद्र और राजनीतिक प्रतिक्रिया
वीडियो में भाई वीरेंद्र ने कहा कि जब विजय मंडल विधायक थे, तो उन्हें टिकट क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कुछ नेता अपने जिले के नाम पर राजनीति करते हैं और बाहरी लोगों को टिकट देते हैं, जिससे पार्टी को नुकसान होता है। वीरेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने बयान को बगावत नहीं मानते, बल्कि सच्चाई बता रहे हैं।
वहीं, इस विवाद पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि भाई वीरेंद्र ने अपनी ही पार्टी की टिकट वितरण प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव को जवाब देना चाहिए कि वह चुनाव के दौरान EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे थे, जबकि अब उनके विधायक टिकट वितरण को लेकर सवाल कर रहे हैं। यह सब पार्टी के अंदर चल रही आंतरिक कलह को भी दर्शाता है।









