दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान तेजी से हो रहा है
देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके कारण उत्पन्न होने वाली समस्याएं लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इस मुद्दे को हल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कई दिनों तक सुनवाई की, जिसके बाद अब दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) इस दिशा में बड़े कदम उठाने जा रहा है। एमसीडी ने तय किया है कि वह आवारा कुत्तों से निपटने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश करेगा।
डॉग शेल्टर्स का विस्तार और बेहतर सुविधाएं
मौजूदा समय में द्वारका में एक बड़ा डॉग शेल्टर कार्यरत है, जिसकी क्षमता लगभग 1500 आक्रामक कुत्तों को संभालने की है। एमसीडी ने पिछले साल दिसंबर में सेक्टर 29, द्वारका में इस शेल्टर के निर्माण की घोषणा की थी। इसके अलावा, बिजवासन और बेला रोड पर भी दो नए शेल्टर्स बनाने का प्रस्ताव है। इन शेल्टर्स में 14 और 40 केनेल होंगे, और साथ ही एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
बजट का प्रावधान और शेल्टर की उन्नति का लक्ष्य
एमसीडी का लक्ष्य है कि आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस परियोजना के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाए। यह राशि डॉग शेल्टर्स के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने, उनके रख-रखाव और अपग्रेडेशन पर खर्च की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इन कदमों से आवारा कुत्तों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और शहर में सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार आएगा।











