दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के संकेत
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस संदर्भ में कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रूवमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-3 (GRAP-3) की कड़े प्रतिबंधों को हटा दिया है। CAQM के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली का मौसम अनुकूल है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
कैसे हुई वायु गुणवत्ता में सुधार और आगे की योजना
CAQM ने AQI में सुधार का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है कि अब GRAP-3 के तहत लागू की गई पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा। इससे शहर में आवाजाही, निर्माण कार्य और अन्य प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों को अस्थायी राहत मिली है। साथ ही, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के आधार पर बताया गया है कि आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता ‘औसत’ से ‘खराब’ श्रेणी में रह सकती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, CAQM ने अपने आदेश में कहा है कि 16 जनवरी 2026 को लागू किए गए स्टेज-III (गंभीर) वायु गुणवत्ता कार्रवाई को तुरंत रद्द किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू नियम और भविष्य की दिशा
GRAP-3 कब लागू किया जाता है? जब हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है, तब इस योजना के तहत प्रतिबंध लगाए जाते हैं। इसमें गैर-जरूरी निर्माण कार्य जैसे तोड़फोड़, मिट्टी का काम, और धूल पैदा करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है। साथ ही, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के साथ गैर-आवश्यक डीजल ट्रकों पर भी रोक लगाई जाती है, केवल आवश्यक सेवाओं और इमरजेंसी वाहनों को ही अनुमति दी जाती है।
स्कूलों को हाइब्रिड या ऑनलाइन मोड में पढ़ाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है ताकि बच्चों को खराब हवा से बचाया जा सके।
वहीं, जब AQI 301 से 400 के बीच पहुंचता है, तो GRAP-2 लागू किया जाता है, जिसमें डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध, सड़क सफाई के लिए मशीनरी का प्रयोग, ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन जैसे कदम शामिल होते हैं।
अंत में, जब AQI 201 से 300 के बीच होता है, तो GRAP-1 लागू किया जाता है, जिसमें लकड़ी और कोयले के उपयोग पर रोक, धूल नियंत्रण के उपाय और ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत किया जाता है। इन कदमों का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित कर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।











