राजगढ़ में अवैध खनन का मामला और शिकायतें
जब सरकारी व्यवस्था पर भरोसा उठने लगता है, तो आम नागरिक गांधीवादी तरीके से विरोध करने को मजबूर हो जाता है। ऐसा ही एक मामला राजगढ़ के तंवर लाल के साथ हुआ, जिनके गले में फूलों की माला नहीं, बल्कि शिकायतों का जखीरा था। ये शिकायतें उन्होंने कई महीनों से विभिन्न विभागों को दी थीं। मामला शेखनपुर गांव में लगभग 50 बीघा जमीन पर चल रहे अवैध खनन से जुड़ा है।
अवैध खनन का खुलासा और पुलिस की निष्क्रियता
तंवर लाल के अनुसार, शेखनपुर गांव में पचास बीघा जमीन पर अवैध खनन का धंधा जोर-शोर से चल रहा है। आरोप है कि ज्ञान सिंह सील खेड़ा, सोनू यादव, विक्रम और अन्य लोग दो बड़ी पोकलेन मशीनें लगाकर दिन-रात खनन कर रहे हैं। अब तक करीब सौ बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। खनन माफिया ने जान से मारने की धमकी भी दी है। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
जांच और सरकारी कार्रवाई की स्थिति
राजगढ़ के SDM निधि भारद्वाज ने बताया कि शिकायतकर्ता तंवर लाल का शिकायतों का रिकॉर्ड खंगाला गया है। अवैध खनन की सच्चाई जानने के लिए तहसीलदार, थाना प्रभारी और खनिज इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोप है कि खनिज विभाग कार्रवाई करने से पहले ही माफियाओं को सूचित कर देता है, जिससे कार्रवाई केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाती है।











