उचाना कलां में बेटे के जन्म से परिवार में खुशी की लहर
हरियाणा के उचाना कलां में एक परिवार ने फिर से बेटे का स्वागत किया है, जो पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया है। यह खबर केवल एक पारिवारिक खुशी नहीं है, बल्कि समाज में बेटों और बेटियों के प्रति चल रही सोच को भी उजागर करती है। यहाँ के परिवार ने 24 वर्षों में अपनी नौ बेटियों के बाद आखिरकार एक बेटे का जन्म देखा है।
परिवार की खुशी और सामाजिक संदेश
सुरेंद्र और रीतू के परिवार में शादी के लगभग 24 वर्षों के बाद यह सुखद घटना हुई है। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार इस खुशी को साझा करने अस्पताल पहुंचे, जहां मिठाइयां बांटी गईं और जश्न मनाया गया। परिवार का मानना है कि भगवान ने उनके हर प्रयास को सफल किया है, और इस बार बेटा होने की कामना पूरी हुई है।
बेटे का नाम और समाज में बदलाव की उम्मीद
परिवार ने अपने नए सदस्य का नाम ‘दिलखुश’ रखा है, जिसे बुआ ने खुशी-खुशी घोषित किया। डॉक्टरों के अनुसार, रीतू की डिलिवरी सामान्य रही और मां-बेटा दोनों स्वस्थ हैं। यह घटना इस बात का संकेत है कि आधुनिक समाज में भी बेटा-बेटी के प्रति मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। हालांकि, यह भी सवाल उठाता है कि क्या आज भी समाज में बेटी का जन्म पूरी तरह से स्वीकार्य नहीं है, जब एक महिला को दस बार मां बनना पड़ता है।











