उमरियापान नगर परिषद का अनोखा नामकरण अभियान
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्थित उमरियापान नगर परिषद ने एक ऐतिहासिक पहल की है, जिसमें सभी 15 वार्डों के नाम परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए हैं। इस अद्भुत निर्णय को मध्य प्रदेश सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। यह कदम देश के वीर शहीदों को सम्मानित करने और आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति की भावना जागृत करने का एक जीवंत प्रयास है।
शहीदों के नाम पर नगर के वार्डों का नामकरण
उमरियापान की सड़कों, गलियों और वार्डों का नामकरण देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया गया है। इस पहल के तहत मेजर पीरू सिंह शेखावत, जिन्होंने 1948 में पाकिस्तान के खिलाफ जांबाजी दिखाई थी, के नाम पर वार्ड क्रमांक 1 का नाम रखा गया है। वहीं, मेजर धन सिंह थापा, जिन्होंने 1949 में भारत-चीन युद्ध में अद्भुत वीरता का प्रदर्शन किया था, का नाम वार्ड क्रमांक 2 पर है।
प्रेरणादायक वीरों के नाम से सज्जित वार्ड
वार्ड क्रमांक 3 का नाम मेजर होशियार सिंह के नाम पर है, जिन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तानी सेना को करारी हार का सामना कराया। वहीं, कारगिल युद्ध के नायक कैप्टन विक्रम बत्रा का नाम वार्ड क्रमांक 4 पर है, जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए दुश्मनों को परास्त किया। इसके अतिरिक्त, शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, जिन्होंने भारत-पाक युद्ध में वीरगति प्राप्त की, का नाम वार्ड क्रमांक 5 पर है।
देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा, जिन्होंने 1947 में पाकिस्तानी घुसपैठियों का मुकाबला किया, का नाम वार्ड क्रमांक 6 पर है। वहीं, शहीद मेजर शैतान सिंह, जिन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में अद्भुत साहस दिखाया, का नाम वार्ड क्रमांक 7 पर है। सूबेदार जोगिंदर सिंह, जिन्होंने 1962 के युद्ध में बहादुरी दिखाई, का नाम वार्ड क्रमांक 8 पर है।
कारगिल युद्ध के शहीद कैप्टन मनोज कुमार पांडे का नाम वार्ड क्रमांक 9 पर है, जिन्होंने 1999 में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। परमवीर चक्र विजेता मेजर रामस्वामी परमेश्वरम का नाम वार्ड क्रमांक 10 पर है, जिन्होंने श्रीलंका में शांति अभियान के दौरान वीरगति प्राप्त की। वहीं, वीरता के प्रतीक सेकेंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे का नाम वार्ड क्रमांक 11 पर है, जिन्होंने 1948 में पाकिस्तानी हमले का सामना किया।
शहीद अब्दुल हमीद, जिन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में दुश्मनों के टैंकों को नष्ट किया, का नाम वार्ड क्रमांक 12 पर है। इसके अतिरिक्त, शहीद अल्बर्ट एक्का, जिन्होंने 1971 के युद्ध में दुश्मनों से लड़ते हुए वीरगति प्राप्त की, का नाम वार्ड क्रमांक 13 पर है। कैप्टन गुरबचन सिंह सालारिया का नाम वार्ड क्रमांक 14 पर है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में वीरता दिखाई। अंत में, लांस नायक करम सिंह का नाम वार्ड क्रमांक 15 पर है, जिन्होंने 1947-1948 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया।











