इंदौर में दूषित पानी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में प्रदूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों ने राज्य की न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित किया है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। अदालत ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 15 जनवरी को मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने का आदेश दिया है।
संबंधित मामलों में हाईकोर्ट का कड़ा रुख
इंदौर के इस इलाके में दूषित पानी के कारण हुई मौतों और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यायालय ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि आखिर क्यों इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया। साथ ही, कोर्ट ने यह भी निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारी इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
गंदे टैंकरों से जारी है पानी की आपूर्ति
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह भी पता चला है कि अभी भी गंदे और प्रदूषित टैंकरों से पानी की आपूर्ति जारी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इस स्थिति ने जनता में चिंता और नाराजगी को जन्म दिया है, और सवाल खड़ा किया है कि आखिर कब तक नागरिकों को इस तरह के खतरनाक पानी का सामना करना पड़ेगा।











