सीहोर में नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन का पर्दाफाश
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नर्मदा नदी से अवैध रेत खनन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। ‘आजतक’ की रिपोर्ट ने इस काले कारोबार का पर्दाफाश किया, जिसके बाद खनिज विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो नावें जब्त कर ली हैं। यह खबर उन इलाकों में माफिया द्वारा नदी के बीचो-बीच नावें चलाकर रेत का अवैध उत्खनन करने की जानकारी देने के बाद सामने आई है।
खबर का असर और प्रशासनिक कार्रवाई
कुछ दिन पहले ‘आजतक’ की टीम ने सीहोर के दुर्गम इलाकों का दौरा किया था, जहां प्रशासन की नजरों से छुपाकर माफिया नदी में नावें चलाकर रेत का अवैध खनन कर रहे थे। इस खबर के प्रसारण के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच के आदेश दिए गए। खनिज विभाग के अधिकारी धर्मेंद्र चौहान के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के प्रमुख खनन केंद्रों पर छापेमारी की गई। इस दौरान छीपानेर और चोरसा खेड़ी में नदी किनारे दो नावें जब्त की गईं, जो अवैध खनन में संलिप्त थीं।
मामले की गंभीरता और आगे की कार्रवाई
जिला खनिज अधिकारी धर्मेंद्र चौहान ने इस संदर्भ में एक बयान जारी कर कहा कि ‘आजतक’ की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए तुरंत टीम गठित की गई। उन्होंने बताया कि छीपानेर और चोरसा खेड़ी में दबिश देकर दो नावें जब्त की गई हैं और अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। यह मामला मध्य प्रदेश में दशकों से चल रहे अवैध रेत खनन के संकट को दर्शाता है, जिसमें अब माफिया और संगठित सिंडिकेट और भी अधिक बेखौफ हो गए हैं। सरकार और प्रशासन के दावे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं, जबकि नदी के घाट माफियाओं के कब्जे में हैं।











