नीतीश सरकार ने रिटायर अधिकारी को नई जिम्मेदारी सौंपी
बिहार सरकार ने रिटायरमेंट के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी को फिर से महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया है। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज को बिहार कर्मचारी चयन आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। यह नियुक्ति उनके सेवानिवृत्ति के दिन ही की गई है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार उनके अनुभव का लाभ उठाना चाहती है।
आलोक राज इससे पहले बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक, सह अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे। अपने कार्यकाल में उन्होंने निगम की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने उन्हें चयन आयोग का नेतृत्व सौंपा है।
बिहार कर्मचारी चयन आयोग की भूमिका और महत्व
बिहार कर्मचारी चयन आयोग राज्य में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया का संचालन करता है। यह एक संवैधानिक निकाय है, जिसका अध्यक्ष हजारों युवाओं की भर्ती से जुड़े निर्णयों में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए, सरकार ने एक अनुभवी अधिकारी को इस पद पर नियुक्त किया है ताकि आयोग के कार्य में निरंतरता और पारदर्शिता बनी रहे।
आयोग का कार्यकाल जनवरी 2026 से शुरू होगा, और आलोक राज पांच वर्षों या 65 वर्ष की आयु तक इस पद पर रहेंगे। इस नियुक्ति से आयोग के प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता आएगी। नीतीश सरकार ने पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद विभिन्न पदों पर नियुक्त किया है, जिससे संस्थानों का संचालन बेहतर होता है।
सरकार की नियुक्ति पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे का रास्ता
हालांकि विपक्ष इन नियुक्तियों पर अक्सर सवाल उठाता है, लेकिन सरकार ने आलोक राज की अनुभव और योग्यता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। इस कदम से बिहार कर्मचारी चयन आयोग के कार्यकुशलता और पारदर्शिता में सुधार की उम्मीद है।










