दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई तकनीक आधारित रणनीति शुरू
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक नवीन और तकनीक-सक्षम रणनीति पर कार्य शुरू किया है, जो पूरे वर्ष लागू रहेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों की सूक्ष्म स्तर पर पहचान करना है, ताकि प्रभावी और सटीक कदम उठाए जा सकें। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस योजना का मकसद प्रदूषण के कारणों का विश्लेषण कर, बेहतर समाधान प्रदान करना है।
वायु गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव और आंकड़ों का विश्लेषण
आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2024 में दिल्ली का औसत AQI 294 रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। 2023 में यह 347, 2022 में 318 और 2021 में 336 था। हालांकि दिसंबर 2023 का स्तर इस वर्ष के करीब रहा, फिर भी यह अपेक्षाकृत कम था। इस दिसंबर में सबसे खराब AQI 461 तक पहुंच गया, जबकि सबसे अच्छा स्तर 234 रहा, जो अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में आता है। इस साल प्रदूषण का स्तर कुछ समय के लिए 139 तक गिरा था, लेकिन इस बार कोई राहत देखने को नहीं मिली।
खराब वायु गुणवत्ता का प्रभाव और मौसम का असर
धूल और सर्दी के मौसम के संयुक्त प्रभाव ने दिल्ली की जीवनशैली को प्रभावित किया है। 30 दिसंबर को घने कोहरे के कारण दिल्ली और आसपास के इलाकों में कम से कम 118 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें 60 आगमन और 58 प्रस्थान शामिल हैं। इसके अलावा, 16 उड़ानों को दूसरे शहरों की ओर मोड़ना पड़ा। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि वायु प्रदूषण और मौसम की स्थिति मिलकर दिल्ली की यातायात व्यवस्था और जीवन को प्रभावित कर रहे हैं।










