शाजापुर पुलिस का मानवीय पहलू: छात्रा का खोया बैग वापस दिलाने की कहानी
शाजापुर (MP) में पुलिस की एक संवेदनशील और मानवीय भूमिका सामने आई है, जिसने शुजालपुर में तीसरी कक्षा की एक छात्रा का खोया हुआ बैग खोजकर उसकी पूरी जिंदगी बदल दी। इस घटना ने न केवल छात्रा का भविष्य सुरक्षित किया, बल्कि उसके चेहरे पर मुस्कान भी लौटा दी। पुलिसकर्मियों ने अपने कार्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए, मासूम छात्रा को उसका बैग लौटाया, जिससे उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
खोए हुए बैग की खोज में पुलिस की तत्परता और समर्पण
छात्रा ने बताया कि वह कोचिंग से घर लौटते समय ऑटो में बैठी थी, और घर पहुंचकर उसे पता चला कि उसका स्कूल बैग ऑटो में ही छूट गया है। इस खबर से वह बहुत परेशान हो गई और रोते-रोते पुलिस के पास पहुंची। उसकी बात सुनकर पुलिस ने तुरंत ही मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस टीम ने छात्रा के कोचिंग और घर के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की। घंटों की मेहनत के बाद, उन्होंने फुटेज के माध्यम से ऑटो का पता लगाया और उसे पकड़कर छात्रा का बैग बरामद किया। अंत में, बैग को बच्ची को सौंपने के लिए एसडीओपी कार्यालय बुलाया गया।
पुलिस की तत्परता और छात्रा की खुशी
मीडिया से बात करते हुए छात्रा ने कहा, “बैग गुम होने से मैं बहुत परेशान हो गई थी क्योंकि उसमें मेरी वर्क कॉपी, होमवर्क और सालभर की फेयर कॉपी थी। पुलिस अंकल ने मेरी मदद की और बैग वापस लाकर मुझे बहुत खुश किया।” एसडीओपी निमिष देशमुख ने बताया कि बच्ची की परेशानी को देखते हुए पूरी टीम ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिसकर्मियों ने छात्रा का बैग उसके कंधे पर टांगकर उसे घर भेजा, जिससे उसकी मुस्कान फिर से लौट आई।









