तुलसी दिवस 2025 का सही तिथि और महत्व
सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। भारत में सामान्यतः लोग इस पौधे को अपने घरों में लगाते हैं और इसकी पूजा करते हैं। यह पौधा सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक पवित्रता का प्रतीक है। मान्यता है कि तुलसी की पूजा से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और शांति का वास रहता है।
इसके साथ ही तुलसी के अनेक औषधीय लाभ भी हैं। बुखार और सर्दी जैसी बीमारियों में तुलसी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है। इन सभी गुणों को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष तुलसी माता के सम्मान में तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है।
तुलसी पूजन दिवस कब मनाया जाएगा?
इस वर्ष तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ समय सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच रहेगा। वहीं, शाम को पूजा का शुभ मुहूर्त 5:30 बजे से 7 बजे तक निर्धारित है।
तुलसी पूजन की विधि और शुभ मंत्र
तुलसी पूजन के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर पूजा के लिए एक थाली तैयार करें जिसमें रोली, चंदन, कुमकुम, अक्षत, फूल, हल्दी और लाल चुनरी रखें। साथ ही एक लोटा लें जिसमें शुद्ध जल भरा हो।
सबसे पहले लोटे का जल तुलसी माता को अर्पित करें और उन्हें नमन करें। फिर तुलसी माता को चुनरी ओढ़ाएं। इसके बाद माता को सिंदूर, अक्षत, कुमकुम, हल्दी और फूल अर्पित करें। तत्पश्चात धूप, दीपक और बाती जलाएं।
माता तुलसी के मंत्रों का जाप करें और पूजा समाप्ति पर यदि कोई भूल-चूक हुई हो तो उसके लिए क्षमा मांगें। इस प्रकार श्रद्धा और भक्ति के साथ तुलसी पूजन का आयोजन किया जाता है।











